ज्योतिष विशेष

मकर लग्न की कुंडली में गुरु – Makar Lagn Kundali me Guru (Jupiter)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं में वृहस्पति को देवगुरु की उपाधि प्राप्त है। स्वभाव से साधू देव गुरु धनु व् मीन राशि के स्वामी हैं जो कर्क में उच्च व् मकर राशि में नीच के माने जाते हैं । मकर लग्न की कुंडली में गुरु तृतीयेश , द्वादशेश होकर एक मारक गृह के … Continue reading →

कुम्भ लग्न की कुंडली में गुरु – Kumbh Lagn Kundali me Guru (Jupiter)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं में वृहस्पति को देवगुरु की उपाधि प्राप्त है। स्वभाव से साधू देव गुरु धनु व् मीन राशि के स्वामी हैं जो कर्क में उच्च व् मकर राशि में नीच के माने जाते हैं । कुम्भ लग्न की कुंडली में गुरु द्वितीयेश , एकादशेश होकर एक कारक गृह के … Continue reading →

कन्या लग्न की कुंडली में गुरु – Kanyaa Lagn Kundali me Guru (Jupiter)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं में वृहस्पति को देवगुरु की उपाधि प्राप्त है। स्वभाव से साधू देव गुरु धनु व् मीन राशि के स्वामी हैं जो कर्क में उच्च व् मकर राशि में नीच के माने जाते हैं । कन्या लग्न की कुंडली में गुरु चतुर्थेश , सप्तमेश होकर एक सम गृह के … Continue reading →

धनु लग्न की कुंडली में गुरु – Dhanu Lagn Kundali me Guru (Jupiter)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं में वृहस्पति को देवगुरु की उपाधि प्राप्त है। स्वभाव से साधू देव गुरु धनु व् मीन राशि के स्वामी हैं जो कर्क में उच्च व् मकर राशि में नीच के माने जाते हैं । धनु लग्न की कुंडली में गुरु लग्नेश , चतुर्थेश होकर एक कारक गृह के … Continue reading →

सिंह लग्न की कुंडली में गुरु – Singh Lagn Kundali me Guru (Jupiter)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं में वृहस्पति को देवगुरु की उपाधि प्राप्त है। स्वभाव से साधू देव गुरु धनु व् मीन राशि के स्वामी हैं जो कर्क में उच्च व् मकर राशि में नीच के माने जाते हैं । सिंह लग्न की कुंडली में गुरु पंचमेश, अष्टमेश होकर एक कारक गृह के रूप … Continue reading →

कन्या लग्न की कुंडली में मंगल – Kanya Lagn Kundali me Mangal (Mars)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मंगल देवताओं के सेनापति कहे जाते हैं । स्वभाव से क्रूर देव गृह मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं जो कर्क में नीच व् मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं । कन्या लग्न की कुंडली में मंगल तृतीयेश, अष्टमेश होकर एक मारक … Continue reading →

सिंह लग्न की कुंडली में मंगल – Singh Lagn Kundali me Mangal (Mars)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मंगल देवताओं के सेनापती कहे जाते हैं । स्वभाव से क्रूर देव गृह मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं जो कर्क में नीच व् मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं । सिंह लग्न की कुंडली में मंगल चतुर्थेश, नवमेश होकर एक कारक … Continue reading →

तुला लग्न की कुंडली में मंगल – Tula Lagn Kundali me Mangal (Mars)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मंगल देवताओं के सेनापति कहे जाते हैं । स्वभाव से क्रूर देव गृह मंगल मेष और वृश्चिक राशि केस्वामी हैं जो कर्क में नीच व् मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं । तुला लग्न की कुंडली में मंगल द्वितीयेश , सप्तमेश होकर एक मारक … Continue reading →

वृश्चिक लग्न की कुंडली में मंगल – Vrishchik Lagn Kundali me Mangal (Mars)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मंगल देवताओं के सेनापति कहे जाते हैं । स्वभाव से क्रूर देव गृह मंगल मेष और वृश्चिक राशि केस्वामी हैं जो कर्क में नीच व् मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं । वृश्चिक लग्न की कुंडली में मंगल लग्नेश, षष्ठेश होकर एक कारक गृह … Continue reading →

धनु लग्न की कुंडली में मंगल – Dhanu Lagn Kundali me Mangal (Mars)

भारत देश में प्रचलित पौराणिक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मंगल देवताओं के सेनापति कहे जाते हैं । स्वभाव से क्रूर देव गृह मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं जो कर्क में नीच व् मकर राशि में उच्च के माने जाते हैं । धनु लग्न की कुंडली में मंगल पंचमेश , द्वादशेश होकर एक … Continue reading →

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